Sunday, March 8, 2009

"माँ"

अपने रक्त से सिंचित करके माँ नें हमको जनम दिया ,
गर्भावस्था से ही उसने संस्कारों का आधार दिया |
सर्वप्रथम जब आँख खुली तो मुख पे माँ ही स्वर आया ,
दुनिया में किस बात का डर जब सिर पर हो माँ का साया||

पहला स्वर सुनते ही उसने छाती से अमृत डाला,
अपने वक्षस्थल में रखकर ममता से उसने पाला |
प्रथम गुरु है माँ ही अपनी उससे पहला ज्ञान मिला,
माँ का रूप है सबसे प्यारा सबसे उसको मान मिला ||

नारी के तो रूप अनेकों भगिनी रूप में वो भाती ,
संगिनी रूप में साथ निभाकर मातृत्व से सम्पूर्णता पाती |
अपरम्पार है माँ की महिमा त्याग की मूरत वो कहलाती ,
उसके कर्म से प्रेरित होकर मातृ-भूमि पूजी जाती ||

माँ में ही नवदुर्गा बसती माता ही है कल्याणी ,
माँ ही अपनी मुक्तिदायिनी माँ का नाम जपें सब प्राणी |
माँ के चरणों में स्वर्ग है बसता करते सब तेरा वंदन,
तेरा कर्जा कभी न उतरे तुझको कोटिश अभिनन्दन ||

रचयिता ,
अम्बरीष श्रीवास्तव "वास्तुशिल्प अभियंता"
91/
९१, सिविल लाइंस सीतापुर , उत्तर प्रदेश , इंडिया ( भारतवर्ष )


मोबाइल : ++919415047020
ईमेल: ambarishji@gmail.com


7 comments:

  1. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  2. ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है, आपके लेखन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं .......
    होली पर्व की बधाई .........

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  3. ब्लोगिंग जगत मे स्वागत है
    सुंदर रचना के लिए बधाई
    भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
    लिखते रहि‌ए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
    www.zindagilive08.blogspot.com
    आर्ट के लि‌ए देखें
    www.chitrasansar.blogspot.com

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  4. हिन्दी ब्लॉगिंग संसार में आगमन पर बधाई. कामना है कि आपका ब्लॉग नवीनतापूर्ण और दीर्घायु हो. ज्यादा से ज्यादा पढें और दूसरों के ब्लॉग देखें. कुछ अच्छा लगे तो कमेन्ट करें, जैसे मैंने अभी किया. शुभकामनाएं.

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  5. होली की मुबारकबाद,पिछले कई दिनों से हम एक श्रंखला चला रहे हैं "रंग बरसे आप झूमे " आज उसके समापन अवसर पर हम आपको होली मनाने अपने ब्लॉग पर आमंत्रित करते हैं .अपनी अपनी डगर । उम्मीद है आप आकर रंगों का एहसास करेंगे और अपने विचारों से हमें अवगत कराएंगे .sarparast.blogspot.com

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  6. आज आपका ब्लॉग देखा....... बहुत अच्छा लगा. मेरी कामना है की आपके शब्दों को नए अर्थ, नई ऊर्जा और विराट सामर्थ्य मिले जिससे वे जन सामान्य के सरोकारों की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बन सकें.....
    कभी समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर पधारें-

    http://www.hindi-nikash.blogspot.com

    सादर-
    आनंदकृष्ण, जबलपुर

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